Dharmvir Bharti By Renu Arora
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धर्मवीर भारती (नाट्य व्यक्तित्व)
सम्पादक : रेणु अरोड़ा
प्रधान सम्पादक : महेश आनन्द देवेन्द्र राज अंकुर
धर्मवीर भारती संसार के प्रमुखतम नाटककारों में से एक हैं, विरलतम हैं। यदि संख्या की दृष्टि से देखें तो भारती जी ने लघु नाटक लिखे- नदी प्यासी थी, नीली झील, सृष्टि का आखिरी आदमी आदि। उन्होंने एक ही वृहद नाटक लिखा-‘अन्धा युग’। यह नाटक ही नहीं महाकाव्य है, उनकी सैकड़ों रचनाएँ इस पर न्योछावर !! कई वर्षों से भारतीय साहित्य में ‘अन्धा युग’ की बराबरी का कोई नाटक लिखा ही नहीं गया है। विख्यात नाटककार गिरीश कारनाड का भी यह मानना है कि शूद्रक के बाद अगर सबसे प्रमुख नाटक लिखा गया है तो वह’ अन्धा युग’ है।
‘अन्धा युग’ महाभारत के उत्तरार्द्ध की घटनाओं पर आधारित है लेकिन दो विश्वयुद्धों की विकरालता और उपनिवेशवाद से मुक्ति के साथ जो राष्ट्र उदित हो रहा था उस सदी की और वर्तमान सदी की विकृतियों की झंकृति इसमें मिलती है। प्रत्येक रचनाकार का ये जैविक अधिकार है कि वह अपने पूर्ववर्ती रचनाकारों से वस्तु या पात्र ग्रहण करे लेकिन वह उस कथा को कैसे कहता है? क्या कहता है? यह महत्त्वपूर्ण है। सार्वजनीन होने के लिए आवश्यक है कथा सार्वजनीन हो। महाभारत की कथा हमारी लोक-स्मृति में रची-बसी है। उससे हम परिचित हैं। परिचय की इस निकटता से संवाद स्थापित होता है और बात आगे बढ़ती है। यह पीछे जाना आगे जाने की ही प्रक्रिया है।
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Description
Dharmvir Bharti By Renu Arora
About the Author
महेश आनन्द
जन्म 5 फ़रवरी 1946 को। उच्च शिक्षा दिल्ली वि.वि. से। दिल्ली कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स ऐण्ड कॉमर्स, दिल्ली वि.वि. में 40 वर्ष तक अध्यापन। ‘नटरंग’ में 24 वर्षों तक सम्पादन सहयोग। सचिव, एण्टन चेखव ड्रामा स्टूडियो (1986-88) सोवियत कल्चरल सेंटर, दिल्ली। कृतियाँ: कहानी का रंगमंच (1997), जयशंकर प्रसाद रंगदृष्टि (1998), जयशंकर प्रसाद रंगसृष्टि (1998), रंग दस्तावेज सौ साल (दो खण्ड, 2007), रंगमंच के सिद्धात (देवेन्द्र राज अंकुर के साथ संपादन, 2008), रेखा जैन (बाल नाटककार, निर्देशक, मोनोग्राफ 2010), हिन्दी रंगमंच एक दृश्य यात्रा (2019), दृश्य के साथ-साथ (2021), रंगसंवाद (2021)। पुरस्कार विशिष्ट कृति सम्मान, हिन्दी अकादमी, दिल्ली (1988-89); सिद्धनाथ कुमार स्मृति सम्मान, राँची (2010); सीनियर फेलोशिप, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार नयी दिल्ली (2011-12); विशिष्ट समीक्षक सम्मान, नट सम्राट, दिल्ली (2017); नेपथ्य रंगसम्मान, 2022 (रंगमंच के दस्तावेजीकरण के लिए)।
देवेन्द्र राज अंकुर
दिल्ली विश्वविद्यालय से हिन्दी साहित्य में एम.ए। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से निर्देशन में विशेषज्ञता के साथ नाट्य कला में डिप्लोमा। बाल भवन, नयी दिल्ली के वरिष्ठ नाट्य प्रशिक्षक। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमण्डल के सदस्य। भारतेन्दु नाट्य अकादमी, लखनऊ में नाट्य-साहित्य, रंग स्थापत्य और निर्देशन के अतिथि विशेषज्ञ। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, दिल्ली; क्षेत्रीय अनुसन्धान व संसाधन केन्द्र, बेंगलुरु के निदेशक। ‘सम्भव’, नयी दिल्ली के संस्थापक सदस्य और प्रमुख निर्देशक। नयी विधा ‘कहानी का रंगमंच’ के प्रणेता। भारत की सभी भाषाओं और रूसी भाषा में रंगकर्म का अनुभव। दूरदर्शन के लिए नाट्य-रूपान्तरण और निर्देशन। हिन्दी की प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में रंगमंच पर लेख और समीक्षाएँ। अन्य भारतीय भाषाओं और अँग्रेज्ती से कई प्रसिद्ध नाटकों का हिन्दी में अनुवाद। अनेक देशों में रंगकार्यशालाएँ, प्रस्तुतियाँ और अध्यापन। कृतियाँ: ये आदमी ये चूहे, मीडिया, चाणक्य प्रपंच, पहला रंग, रंग कोलाज, दर्शन-प्रदर्शन, अन्तरंग बहिरंग, रंगमंच का सौन्दर्यशास्त्र, रचना प्रकिया के पड़ाव और पढ़ते, सुनते, देखते।
रेणु अरोड़ा
दिल्ली वि.वि. के इन्द्रप्रस्थ महाविद्यालय से हिन्दी साहित्य में बी.ए. और एम.ए. इसी विश्वविद्यालय से एम.फिल. और पी-एच.डी.। 1999 से अध्यापन कार्य में संलग्न। नाटक और रंगमंच के अध्ययन-अध्यापन में विशेष रुचि। भारतीय विद्या भवन से हिन्दी-अंग्रेजी अनुवाद का डिप्लोमा। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से थियेटर एप्रिसिएशन कोर्स।
विजय तेन्दुलकर, बादल सरकार, भुवनेश्वर, भीष्म साहनी आदि नाटककारों और हबीब तनवीर, ब.व. कारन्त, त्रिपुरारि शर्मा आदि रंग-निर्देशकों के नाट्यकर्म पर अनेक लेख महत्त्वपूर्ण पत्रिकाओं में प्रकाशित। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की ‘थियेटर-इन-एजुकेशन कम्पनी’ के लिए उन्हीं के द्वारा खेले गये चार नाटकों का रंगालेखन। इनमें से ‘रानी और पिण्डू’, ‘लाल-लाल हाथी’, ‘पानी फिर गया पानी पर’ के रंगालेख पुस्तक रूप में प्रकाशित। आकाशवाणी दिल्ली के ‘महिला एवं बाल प्रभाग’ तथा ‘विदेश सेवा प्रभाग’ (हिन्दी) से प्रसारित कई कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी।
वर्तमान में-प्रोफेसर, हिन्दी विभाग, मिराण्डा हाउस, दिल्ली विश्वविद्यालय।
Additional information
| Chief Editor | Mahesh Anand, Devendra Raj Ankur |
|---|---|
| Editor | Renu Arora |
| Binding | Paperback |
| Language | Hindi |
| ISBN | 978-93-6201-696-6 |
| Pages | 262 |
| Publication date | 01-02-2025 |
| Publisher | Setu Prakashan Samuh |





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