Description
Achhoot Kaun Aur Kaise By Bhimrao Ambedkar
हिन्दू धर्म के भीतर सामाजिक संरचना के गठन की प्रक्रिया में एक ऐसे वर्ग की उत्पत्ति हुई जिसे न केवल समाज में सबसे हेय दृष्टि से देखा गया बल्कि उसे सामान्य मानवीय व्यवहार से भी वंचित रखा गया। डॉ. भीमराव अम्बेडकर की यह पुस्तक’ अछूत कौन और कैसे’ समाज के इसी वर्ग अर्थात् अछूतों की उत्पत्ति और उनकी स्थिति का ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर विश्लेषण करती है। इसमें न सिर्फ भारत में बल्कि सम्पूर्ण विश्व में अछूतों के अस्तित्व की जाँच-परख की गयी है। यह पुस्तक स्पष्ट करती है कि अछूतों और हिन्दुओं में नस्लीय आधार पर किसी प्रकार की भिन्नता नहीं है लेकिन ब्राह्मणों की घृणा और स्वयं को श्रेष्ठ समझने की भावना अछूतों की उत्पत्ति और उनकी बदतर स्थिति का कारण बनी। इसमें स्पष्ट किया गया है कि ब्राह्मणों द्वारा बौद्धों के प्रति घृणा और एक समूह विशेष के द्वारा गौमांस खाने के कारण उस वर्ग को ब्राह्मणवादी समाज से बहिष्कृत कर दिया गया और उन्हें अछूत के रूप में एक अलग समूह में स्थापित कर दिया गया। यह पुस्तक समाज की विभेदकारी प्रवृत्तियों का मूल्यांकन करते हुए वर्तमान व्यवस्था को समझने का स्पष्ट और व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करती है।
Achhoot Kaun Aur Kaise By Bhimrao Ambedkar
| Author | Bhimrao Ambedkar |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| Language | Hindi |
| ISBN | 978-93-6201-421-4 |
| Pages | 208 |
| Publication date | 14-01-2025 |
| Publisher | Setu Prakashan Samuh |
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