Prem Prakriti Dunia Darshan (Poem) By Nirmala Todi
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प्रेम प्रकृति दुनिया दर्शन – निर्मला तोदी
निर्मला तोदी की कविताओं ने न सिर्फ मुझे गहरे स्तर पर आश्वस्त किया बल्कि अपने मितकथन की सहज गहनता के द्वारा मेरे मन पर एक अलग इंग का प्रभाव भी डाला।
– केदारनाथ सिंह, 2013
इस समय जब हिन्दी कविता में आत्मालोचना का स्वर लगभग विलुप्त सा हो गया है, निर्मला तोदी की कविताओं में इस स्वर का सुनना उम्मीद जगाता है।
– राजेश जोशी, 2017
निर्मला तोदी की कविताएँ हमें ज्ञान की फैली दुनिया में न ले जाकर, संवेदना की गहरी दुनिया में ले जाती हैं, जिसकी आज कहीं ज्यादा जरूरत है।
– मदन कश्यप, 2022
इस संसार को जो चीजें संसार लायक बनाती हैं, उनको सूक्ष्म रूप में काव्यमय भाषा और बिम्बों के साथ निर्मला जी कविता में उपस्थित कर देती हैं। बूँद में समुन्द्र के समा जाने की बातें मुहावरों में जितनी बार भी हम सुनें, सच तो निर्मला तोदी की ये कविताएँ करती हुई सामने हैं। छोटी, पर सघन अर्थ-विस्तार की कविताएँ हैं यहाँ।
‘यह यात्रा मेरी है’ निर्मला तोदी का तीसरा काव्य संग्रह था और यह ‘प्रकृति प्रेम जीवन दर्शन’ चौथा। कवि केदारनाथ सिंह के सान्निध्य में कविताओं की तालीम पायी निर्मला तोदी अभी भी अपने को कविता पथ की यात्री के रूप में चिह्नित करती हैं। वे उसी यात्री की हैसियत से कहती हैं-“जीवन को जी लो/ जीवन सुन्दर है/साथी एक बात कहनी है। ये कविता नहीं है।” कविता और जीवन का द्वैत कबीर की तरह मिट जाता है निर्मला तोदी के यहाँ। पाठक उसे कविता नहीं, जीवन के सार के रूप में लेते हैं। ‘सार-सार को गहि रहै, थोथा देई उड़ाय’ वाली परम्परा की यात्री हैं ये कविताएँ। इसलिए ये तुरन्त पाठकों से कनेक्ट हो जाती हैं और उनके दिलों में अपनी जगह बना लेती हैं।
– निशान्त
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Description
About the Author
निर्मला तोदी
कलकत्ता में जन्म और शिक्षा-दीक्षा। यहीं रहनवारी।
तद्भव, हंस, कथादेश, नया ज्ञानोदय, वागर्थ, पाखी, समकालीन भारतीय साहित्य, बहुवचन, साखी, चौपाल, पूर्वग्रह, जनसत्ता, शुक्रवार, प्रभात खबर आदि प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में कविताओं-कहानियों का प्रकाशन। नाटकों में अभिनय। कोलकाता की नीलाम्बर संस्था की उपाध्यक्ष ।
कृतियाँ: काव्य-संग्रह ‘अच्छा लगता है’ (2013), ‘सड़क मोड़ घर और मैं’ (2017); कहानी-संग्रह ‘रिश्तों के शहर’ (2019)।
सम्प्रति : स्वतन्त्र लेखन।
Additional information
| Author | Nirmala Todi |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| Language | Hindi |
| ISBN | 978-93-6201-367-5 |
| Pages | 104 |
| Publication date | 01-02-2025 |
| Publisher | Setu Prakashan Samuh |





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