Dukhon Ke Shahar Ka Gulmohar By Amita Neerav
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दुखों के शहर का गुलमोहर – अमिता नीरव
अमिता नीरव की कहानियाँ जिन्दगी की जद्दोजहद और समाज के विद्रूप से हमें रूबरू कराती हैं। उनके इस कहानी संग्रह ‘दुखों के शहर का गुलमोहर’ में उनकी ग्यारह कहानियाँ संकलित हैं। ये सभी कहानियाँ जिन्दगी की दुश्वारियों से जूझते पात्रों के इर्द-गिर्द घूमती हैं। इन कहानियों के किरदार और कथानक भले अलग हों मगर समवेत रूप से देखें तो इनसे समकालीन भारतीय समाज की बाबत एक व्यापक यथार्थ बोध उभरता है। मसलन, ‘275 रुपये’ कहानी में गरीबी से पिसते एक परिवार के संघर्ष का चित्रण है जिसमें हम देखते हैं कि तंगहाली से लगातार लड़ते परिवार का मुखिया किस तरह हीनता-ग्रन्थि समेत तरह-तरह की कुण्ठा का शिकार होता है। ‘चन्दा की डिजाइनर साड़ी’ कहानी शराबी पति द्वारा प्रताड़ित होती एक स्त्री के दुखों की दास्तान है तो ‘कॉफी मग’ कहानी कर्ज के बोझ से दबे एक किसान की दुर्दशा बयान करती है। ‘दुखों के शहर का गुलमोहर’ कहानी दाम्पत्य जीवन में आयी दरार और फलस्वरूप पत्नी के सताये जाने की पीड़ा का वर्णन करती है तो ‘आने वाली नस्लों की खातिर’ एक मुस्लिम परिवार की व्यथा-कथा कहती है। ‘अन्त से पहले’ कहानी में कोरोना काल की भयावहता का चित्रण है तो ‘क्षितिज के उस पार का आसमान’ कहानी फिल्मी दुनिया की हकीकत दिखाती है, बताती है कि यह रुपहला संसार उतना रुपहला नहीं है जितना हम मान बैठे हैं, वहाँ का जीवन भी संघर्षों से भरा है। इन उदाहरणों से जाहिर है कि थीम से लेकर अनुभव और दृश्यालेख तक, कथाकार अमिता नीरव के यहाँ कोई दोहराव नहीं है। यह उनकी एक विरल विशिष्टता है और उनकी कहानियों के टटकेपन का सबब। उनका अनुभव-वितान विस्तृत है और उनकी भाषा में वह सामर्थ्य है जो बहुरंगी और बहुस्तरीय यथार्थ को अन्तर्भुक्त करने के लिए एक जरूरी शर्त है।
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Description
Dukhon Ke Shahar Ka Gulmohar (A Collection Of Short Stories) By Amita Neerav
About the Author
अमिता नीरव
शिक्षा: एम.ए. (राजनीति विज्ञान) सार्ज और कामू के अस्तित्ववादी विचारों का तुलनात्मक अध्ययन विषय पर पी-एच.डी।
कृतियाँ : पहला कहानी संग्रह ‘तुम जो बहती नदी हो’ 2018 में, और पौराणिक पात्र माधवी पर आधारित वृहद् उपन्यास ‘माधवी : आभूषण से छिटका स्वर्णकण’ 2021 में, और प्रेम कथा पर आधारित उपन्यास ‘जब इश्क़ तुम्हें हो जाएगा’ 2022 में प्रकाशित ।
सम्मान/पुरस्कार : कहानी संग्रह’ तुम जो बहती नदी हो’
को 2020 का मध्य प्रदेश साहित्य सम्मेलन, भोपाल का प्रतिष्ठित वागीश्वरी पुरस्कार; ‘माधवी आभूषण से छिटका स्वर्णकण’ को 2022 का मध्य प्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, हिन्दी भवन न्यास, भोपाल का श्री शंकर शरणलाल बत्ता पौराणिक आख्यायिका पुरस्कार; कथाबिम्ब का कमलेश्वर स्मृति कथा पुरस्कार, वर्ल्ड डिग्निटी यूनिवर्सिटी का बेकन अवार्ड; पत्रकारिता के लिए विकास संवाद संविधान फेलोशिप 2022.
सम्प्रति : निवास इन्दौर में। पूर्णकालिक रचनाकार और
अशंकालिक प्राध्यापक।
Additional information
| Author | Amita Neerav |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| Language | Hindi |
| ISBN | 978-93-6201-809-0 |
| Pages | 206 |
| Publication date | 01-02-2025 |
| Publisher | Setu Prakashan Samuh |





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