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ज्यां द्रेज़ज्यां द्रेज़ राँची विश्वविद्यालय में विजिटिंग प्रोफेसर हैं। वे लन्दन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स तथा दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में भी अध्यापन कर चुके हैं। उन्होंने अमर्त्य सेन के साथ मिलकर ‘हंगर एंड पब्लिक एक्शन’ और ‘इंडिया : डेवलपमेंट एंड पार्टिसिपेशन’ पुस्तकें लिखी हैं। उनकी नई पुस्तक है—’सेंस एंड सॉलिडरिटी : झोलावाला इकोनॉमिक्स फॉर एवरीवन’।अमर्त्य सेनअमर्त्य सेन हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र एवं दर्शनशास्त्र पढ़ाते हैं। 1998 में उन्हें अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी कई कृतियों में शामिल हैं—’डेवलपमेंट एज़ फ़्रीडम’, ‘रैशनलिटी एंड फ़्रीडम’, ‘द आर्गुमेंटेटिव इंडियन’, ‘आइंडेटिटी एंड वायलेंस’, ‘द आइडिया ऑफ जस्टिस’ और ‘द कंट्री ऑफ फर्स्ट ब्वायज़’।अनुवादक : अशोक कुमारबिहार में 1974 के जन-आन्दोलन की पत्रिका ‘तरुण क्रांति’ और ‘समग्रता’ में पत्रकारिता का प्रारम्भिक पाठ पढ़ने के बाद दिल्ली के भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता का डिप्लोमा। पत्रिका ‘धर्मयुग’, दैनिक ‘जनसत्ता’, पत्रिका ‘इंडिया टुडे हिन्दी’, ‘इंडिया टुडे साहित्य वार्षिकी और ‘शुक्रवार’ के सम्पादक मंडल में उपसम्पादक से लेकर डिप्टी एडिटर तक विभिन्न पदों पर काम करने के बाद सम्प्रति गांधी शान्ति प्रतिष्ठान से जुड़ाव। करीब आधा दर्जन महत्त्वपूर्ण अंग्रेजी पुस्तकों का हिन्दी में अनुवाद और सम्पादन।

Additional information

Author

Jean Dreze , Amartya Sen, Ashok Kumar

Binding

Paperback

ISBN

978-9387462236

Language

Hindi

Pages

400

Publication date

1 January 2018

Publisher

‎ Rajkamal Prakashan

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