Description
सुदीप सोहनी का यह पहला कविता संग्रह मन्थर होती प्रार्थना उस भाव के रचनात्मक संवेदना में रूपायित होते रहने का उपक्रम है। सुदीप की कविताओं में परस्पर संवाद की दुर्लभ प्रवृति है जो लघुतम से वृहत्तर के हर रूप को सम्बोधित भी होती है और उनके स्वर को अपने गान में घुलने देने को समर्पित भी होती है।
About the Author:
सुदीप सोहनी: 29 दिसम्बर को खंडवा (म.प्र.) में जन्म। भारतीय फ़िल्म एवं टेलिविज़न संस्थान, पुणे के वर्ष 2013-14 के छात्र। कवि, पटकथा लेखक, निर्देशक, परिकल्पक व सलाहकार के रूप में सिनेमा, साहित्य व संस्कृतिकर्म में संलग्न।











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