Additional information
| ISBN | 9.78939E+12 |
|---|---|
| Author | Swayam Prakash |
| Binding | Paperback |
| Pages | 120 |
| Publisher | Setu Prakashan Samuh |
| Imprint | Setu Prakashan |
| Language | Hindi |
Chauboli By Swayam Prakash
चौबोली – स्वयं प्रकाश
अपने लिए उपयुक्त नाटकों का न होना हिंदी रंगमंच की शिकायत रही है लेकिन इस शिकायत को समर्थ नाटककारों ने अपने-अपने प्रयोगों से दूर करने की कोशिश की है। स्वयं प्रकाश ने अपने लेखन के प्रारंभिक दिनों में ही नाटक लिखने की आवश्यकता को महसूस कर लिया था। यह उनके आंदोलनधर्मी स्वभाव और लेखन की प्रतिबद्धता का ही परिणाम था कि ‘फीनिक्स’ और ‘घर कैद’ जैसे संपूर्ण नाटकों के बाद उन्होंने नुक्कड़ नाटक भी लिखे। ‘चौबोली’ उनका लोकप्रिय नाटक रहा है जिसे आशीष विद्यार्थी जैसे मंझे हुए कलाकार द्वारा अनेक बार खेला गया। राजस्थान की पड़ शैली में लोक-कथा की यह मनभावन प्रस्तुति अंततः साम्राज्यवादी मंसूबों की पहचान करवाने में सफल होती है। एक स्त्री का संघर्ष, उसकी दुर्दम्यता और जनता की सामूहिक शक्ति में उसका अटूट भरोसा इस नाटक का एक भिन्न पाठ भी रचते हैं। अपनी कहानियों की तरह स्वयं प्रकाश इस नाटक को भी भरपूर किस्सागोई और बतकही के अंदाज में प्रस्तुत करते हैं। राजा-रानी की कहानी स्वयं प्रकाश के हाथों से मेरी तेरी-हम सबकी कहानी बन जाती है और नाटक ब्रेख्त की शैली को याद दिलाता हुआ अपनी बात भी कह जाता है।
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| ISBN | 9.78939E+12 |
|---|---|
| Author | Swayam Prakash |
| Binding | Paperback |
| Pages | 120 |
| Publisher | Setu Prakashan Samuh |
| Imprint | Setu Prakashan |
| Language | Hindi |











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