Description
सरफ़राज़ आलम एक प्रतिष्ठित भूगोलविद्, शोधकर्ता, शिक्षक और कवि हैं, जिनका जन्म 5 जनवरी 1972 को बिहार के गोपालगंज जिले के सरया अख्तियार गाँव में हुआ। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) से स्नातक शिक्षा प्राप्त की तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), नई दिल्ली से भूगोल में एम.ए., राजनीतिक भूगोल में एम.फिल. और पी-एच.डी. की उपाधियाँ अर्जित कीं।
राजनीतिक भूगोल, भौगोलिक शिक्षा और दक्षिण एशियाई अध्ययन के क्षेत्र में उनका योगदान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित रहा है। उनके 80 से अधिक शोधपत्र प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं तथा संपादित पुस्तकों में प्रकाशित हो चुके हैं। शोध और अकादमिक उत्कृष्टता के लिए उन्हें वर्ष 2002 में जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फण्ड द्वारा प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू छात्रवृत्ति तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा जूनियर एवं सीनियर रिसर्च फेलोशिप प्राप्त हुई।
उन्होंने मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन एवं सामरिक विश्लेषण संस्थान, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) में शोध एवं शिक्षण कार्य किया है। वर्तमान में वे काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के भूगोल विभाग में आचार्य (Professor) के पद पर कार्यरत हैं।
साहित्य के क्षेत्र में उनकी रचनात्मक पहचान उनके कविता संग्रह ‘नक्शानामा’ से स्थापित हुई है। उनकी कविताओं में भूगोल, मानवीय संवेदनाएँ, प्रेम, स्मृति, यात्रा और सामाजिक सरोकारों का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। शोध की गहराई और काव्यात्मक कल्पना का यह अनूठा संगम उन्हें समकालीन हिंदी साहित्य में एक विशिष्ट स्थान प्रदान करता है।






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