Description

जानी-मानी लेखिका रश्मि भारद्वाज के कविता संग्रह ‘मैंने अपनी मां को जन्म दिया है’ में जीवन के विविध पक्षों की छाप है। उनकी कविताएं दुख, मुक्ति और स्वाभिमान के मुद्दों के अतिरिक्त विस्थापन, पर्यावरण और सहकारिता के वृहत्तर प्रश्नों से भी टकराती हैं।

About the Author:

जन्म : मुजफ्फरपुर, बिहार शिक्षा : अंग्रेजी साहित्य से एम.फिल्, पी-एच.डी., भारतीय विद्या भवन, नयी दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा प्रकाशन : ज्ञानपीठ नवलेखन पुरस्कार-2016 द्वारा कविता संग्रह ‘एक अतिरिक्त अ’, ‘मैंने अपनी माँ को जन्म दिया है’ प्रकाशित, रस्किन बॉण्ड का कहानी संग्रह एवं साहित्य अकादेमी विजेता हांसदा सोवेन्द्र शेखर के कहानी संग्रह ‘आदिवासी नहीं नाचेंगे’ का अनुवाद, प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में विविध विषयों पर आलेख, कविताएँ एवं कहानियाँ प्रकाशित, रेडियो के लिए नाटक लेखन। अनुवाद एवं संपादन में विशेष सक्रिय, विभिन्न साहित्यिक सांस्कृतिक मंचों पर भागीदारी, मुजफ्फरपुर दूरदर्शन, बिहार के लिए दो वर्षों तक स्क्रिप्ट राइटिंग और कार्यक्रम संचालन। पश्यन्ति/विमेंस कलेक्टिव, स्त्री रचनाधर्मिता पर आधारित पत्रिका का संपादन, कथादेश कथा संचयन में कहानी का चयन। वेब मैगज़ीन ‘मेराकी पत्रिका’ का संपादन।

 

Additional information

ISBN

9.78939E+12

Author

Rashmi Bhardwaj

Pages

120

Publisher

Setu Prakashan Samuh

Imprint

Setu Prakashan

Language

Hindi

Binding

Paperback

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