Description

रामविलास शर्मा (1912-2000) हिन्दी आलोचना, विशेषतौर से मार्क्सवादी हिन्दी आलोचना के प्रमुख स्तम्भों में एक हैं। उनकी वैचारिक प्रतिबद्धता असंदिग्ध रही है। एक आलोचक और सिद्धान्तकार के रूप में उनका साहित्य विपुल है। सौ से अधिक पुस्तकों का लेखन-सम्पादन करने वाले रामविलास शर्मा की आलोचना के दो पक्ष स्वीकार किये गये हैं-खण्डन पक्ष और स्थापित करने वाला पक्ष।

About Author

बिहार के मधेपुरा में जन्मे अजय वर्मा लगभग बीस वर्षों से आलोचना के क्षेत्र में सक्रिय हैं। हंस, तदï्भव, नया ज्ञानोदय, वागर्थ, आलोचना, संवेद, लमही आदि में लेख प्रकाशित हैं। हिन्दी आलोचना का स्वत्व एवं सत्ता, संस्कृति और नव साम्राज्यवाद नामक पुस्तकें प्रकाशित।
सम्प्रति : हिन्दी विभाग, अन्नदा कॉलेज हजारीबाग, झारखण्ड

Additional information

ISBN

9.78939E+12

Author

Ajay Verma

Binding

Paperback

Pages

160

Publisher

Setu Prakashan Samuh

Imprint

Setu Prakashan

Language

Hindi

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