Description
राजेन्द्र यादव हिंदी साहित्य के एक प्रमुख और प्रभावशाली कथाकार, संपादक और विचारक थे। वे नई कहानी आंदोलन के महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक माने जाते हैं। उनकी लेखनी समाज के जटिल यथार्थ, विशेषकर स्त्री-विमर्श, वर्ग संघर्ष और सामाजिक असमानताओं को गहराई से उजागर करती है।
उनकी सबसे बड़ी पहचान सिर्फ एक लेखक के रूप में नहीं, बल्कि एक विचार-उत्तेजक संपादक के रूप में भी रही। उन्होंने हंस पत्रिका के माध्यम से नए लेखकों, खासकर महिला लेखिकाओं को एक मजबूत मंच दिया। वे पारंपरिक सोच को चुनौती देने और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर लिखने के लिए जाने जाते थे।
📖 “23 लेखिकाएँ और राजेन्द्र यादव” में उनकी यही सोच साफ झलकती है। इस पुस्तक में उन्होंने 23 महिला लेखिकाओं के लेखन, व्यक्तित्व और उनके साहित्यिक योगदान पर चर्चा की है। यह किताब न केवल साहित्यिक समीक्षा है, बल्कि स्त्री लेखन को समझने का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज भी है।





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