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Aagami Ateet By Kamleshwar

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Aagami Ateet By Kamleshwar

आगामी अतीत का कथ्य रोमांटिक ज़रूर लग सकता है, परन्तु इसमें निहित रोमांटिकता के भीतर भी जो गहरी टीस व्याप्त है, उसके सन्दर्भ ख़ास तौर से सामाजिक-आर्थिक निर्भरताओं से जुड़े हुए हैं। यानी रिश्ते भी किस तरह मूर्छित हो जाते हैं या किस तरह का रूप मानसिक मजबूरियों की वजह से ले जाते हैं, इसीलिए इस उपन्यास में रोमांटिकता को रोमांटिकता से ही काटने का प्रयास दिखाई देता है। जब इस उपन्यास का धारावाहिक प्रकाशन हुआ था, तब इसके उद्देश्य को लेकर गहरी बहस भी सामने आई थी और अन्ततः पाठकों ने यह पाया था कि परम्परावादी रोमांटिक कहानियों से अलग यह उपन्यास एक नए कथ्य को सामने लाता है।

पूँजीवादी समाज के स्पर्धामूलक परिवेश की विडम्बना और अन्तर्विरोध ही इस उपन्यास का मुख्य कथ्य है। सन् 1973-74 के आसपास लिखे गए इस उपन्यास की सार्थकता आज के भूमंडलीकरण के दौर में सामने आ चुकी है। आर्थिक आपाधापी के कारण टूट रहे स्त्री-पुरुष सम्बन्धों को इस उपन्यास में पहले ही हमारे सामने रख दिया गया था। और, उस नारी की पीड़ा को भी जो इस दौर की विकृतियों को सह रही है।

Description

कमलेश्वर

कमलेश्वर का जन्म उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में 6 जनवरी, 1932 को हुआ था। प्रारम्भिक पढ़ाई के पश्चात् कमलेश्वर ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से परास्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की।

कमलेश्वर ने कहानी, उपन्यास, पत्रकारिता, स्तम्भ-लेखन, फ़िल्म पटकथा जैसी अनेक विधाओं में अपनी लेखन-प्रतिभा का परिचय दिया। उन्होंने कई हिन्दी फ़िल्मों के लिए पटकथाएँ लिखीं तथा भारतीय दूरदर्शन शृंखलाओं के लिए ‘दर्पण’, ‘चन्द्रकान्ता’, ‘बेताल पच्चीसी’, ‘विराट युग’ आदि लिखे।

प्रकाशित कृतियाँ : ‘राजा निरबंसिया’, ‘क़स्बे का आदमी’, ‘मांस का दरिया’, ‘खोई हुई दिशाएँ’, ‘बयान’, ‘जॉर्ज पंचम की नाक’, ‘आज़ादी मुबारक’, ‘कोहरा’, ‘कितने अच्छे दिन’, ‘मेरी प्रिय कहानियाँ’, ‘मेरी प्रेम कहानियाँ’ (कहानी-संग्रह); ‘एक सड़क सत्तावन गलियाँ’, ‘डाक-बंगला’, ‘तीसरा आदमी’, ‘समुद्र में खोया हुआ आदमी’, ‘लौटे हुए मुसाफ़िर’, ‘काली आँधी’, ‘वही बात’, ‘आगामी अतीत’, ‘सुबह दोपहर शाम’, ‘एक और चन्द्रकान्ता’, ‘कितने पाकिस्तान’, ‘पति पत्नी और वह’ (उपन्यास); ‘अधूरी आवाज़’, ‘चारुलता’, ‘रेगिस्तान’, ‘कमलेश्वर के बाल नाटक’ (नाटक); ‘खंडित यात्राएँ’, ‘अपनी निगाह में’ (यात्रा-संस्मरण); ‘जो मैंने किया’, ‘यादों के चिराग़’, ‘जलती हुई नदी’ (आत्मकथ्य); ‘नई कहानी के बाद’, ‘मेरा पन्ना’, ‘दलित साहित्य की भूमिका’ (आलोचना); ‘मेरा हमदम : मेरा दोस्त तथा अन्य संस्मरण’, ‘समानान्तर-1’, ‘गर्दिश के दिन’, ‘मराठी कहानियाँ’, ‘तेलगू कहानियाँ’, ‘पंजाबी कहानियाँ’, ‘उर्दू कहानियाँ’ (सम्पादन)।

सम्मान/पुरस्कार : ‘पद्मभूषण’ और कितने पाकिस्तान के लिए ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’ से सम्मानित।

निधन : 27 जनवरी, 2007

Additional information

Publication date

01-01-2002

Pages

104

Binding

Paperback

ISBN

9788126708888

Language

Hindi

Writer

Kamleshwar

Publisher

‎ Rajkamal Prakashan

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