Agni Ki Udaan By A.P.J. Abdul Kalam
Original price was: ₹500.00.₹350.00Current price is: ₹350.00.
30% OFF
Agni Ki Udaan By A.P.J. Abdul Kalam
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम भारत के यशस्वी वैज्ञानिकों में से एक तथा उपग्रह प्रक्षेपण यान और रणनीतिक मिसाइलों के स्वदेशी विकास के वास्तुकार हैं । एस.एल.वी. – 3, ‘ अग्नि ‘ और ‘ पृथ्वी ‘ उनकी नेतृत्व क्षमता के प्रमाण हैं । उनके अथक प्रयासों से भारत रक्षा तथा वायु आकाश प्रणालियों में आत्मनिर्भर बना । अन्ना विश्वविद्यालय में प्रौद्योगिकी तथा सामाजिक रूपांतरण के प्रोफेमर के रूप में उन्होंने विद्यार्थियों से विचारों का आदान-प्रदान किया और उन्हें एक विकसित भारत का स्वज दिया । अनेक पुरस्कार-सम्मानों के साथ उन्हें देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘ भारत रत्न ‘ से भी सम्मानित किया गया । पिछले कुछ वर्षों में देश भर के पाँच लाख से अधिक छात्रों से भेंट कर उन्होंने महाशक्ति भारत के स्वप्न को रचनात्मक कार्यों द्वारा साकार करने का आह्वान किया है । भारत के पूर्व राष्ट्रपति । अरुण कुमार तिवारी बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर हैं और केयर फाउंडेशन, हैदराबाद के निदेशक हैं । सन् 1987 से उन्होंने रचनात्मक विज्ञान लेखन प्रारंभ किया और अनेक पुस्तकें लिखीं, जिनमें डॉ. ए.पी. जे. अब्दुल कलाम के साथ लिखी लोकप्रिय पुस्तक ‘ अग्नि की उड़ान ‘ तथा’ हमारे पथ-प्रदर्शक ‘ प्रमुख हैं ।.
In stock
Description
त्रिशूल ‘ के लिए मैं ऐसे व्यक्ति की सुलाश में था जिसे न सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक्स एवं मिसाइल युद्ध की ठोस जानकारी हो बल्कि जो टीम के सदस्यों में आपसी समझ बढ़ाने के लिए पेचीदगियों को भी समझा सके और टीम का समर्थन प्राप्त कर सके । इसके लिए मुझे कमांडर एस.आर. मोहन उपयुक्त लगे, जिनमें काम को लगन के साथ करने की जादुई शक्ति थी । कमांडर मोहन नौसेना से रक्षा शोध एवं विकास में आए थे ।
‘अग्नि’, जो मेरा सपना थी, के लिए किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत थी जो इस परियोजना में कभी-कभी मेरे दखल को बरदाश्त कर सके । यह बात मुझे आर.एन. अग्रवाल में नजर आई । वह मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेकोलॉजी के विलक्षण छात्रों में से थे । वह डी.आर.डी.एल. में वैमानिकी परीक्षण सुविधाओं का प्रबंधन सँभाल रहे थे ।
तकनीकी जटिलताओं के कारण ‘ आकाश ‘ एवं ‘ नाग ‘ को तब भविष्य की मिसाइलों के रूप में तैयार करने पर विचार किया गया । इनकी गतिविधियाँ करीब आधे दशक बाद तेजी पर होने की उम्मीद थी । इसलिए मैंने ‘ आकाश ‘ के लिए प्रह्लाद और ‘ नाग ‘ के लिए एन. आर. अय्यर को चुना । दो और नौजवानो-वी.के. सारस्वत एवं ए.के. कपूर को क्रमश: सुंदरम तथा मोहन का सहायक नियुक्त किया गया ।
Additional information
| Author | A.P.J. kaalam |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| Language | Hindi |
| Pages | 196 |
| Publication date | 1 January 2019 |
| ISBN | 978-8173152931 |
| Publisher | Prabhat Prakashan |





Reviews
There are no reviews yet.