ANTIM ASHRAY (Novel) by Tripurari Sharan
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अन्तिम आश्रय (उपन्यास) – त्रिपुरारि शरण
त्रिपुरारि शरण समकालीन हिन्दी कथा साहित्य के महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षरों में शुमार हैं। वह सामाजिक यथार्थ के सजग चितेरे हैं। उनकी रचनाएँ छोटे-छोटे जीवन प्रसंगों से अनेक स्तरों पर बुनी गयी होती हैं और इसीलिए कई बार
ऊपर से सादगी का मुलम्मा लिये होने के बावजूद उनमें यथार्थ की जटिलता को पकड़ने तथा उकेरने की शिद्दत से की गयी कोशिश को सहज ही पहचाना जा सकता है। त्रिपुरारि शरण के कथा-लेखन के केन्द्र में सामान्य व्यक्ति
है। पर उनके बारे में यह कहना पर्याप्त नहीं है। वह सामाजिक अन्तर्विरोधों और व्यक्ति की चारित्रिक असंगतियों तथा मन की हलचलों के भी कथाकार हैं। उनका नया उपन्यास ‘अन्तिम आश्रय’ इसका एक मजबूत
साक्ष्य है। अन्तर्जातीय विवाह, अकेलेपन की समस्या, जातिगत अहं, पुरानी और आधुनिक मान्यताओं के बीच के द्वन्द्व आदि कई कारक इस उपन्यास को आकार देते हैं। उपन्यास के केन्द्र में रमा त्रिपाठी और रामाशीष सिंह हैं।
दोनों मध्यवर्गीय परिवार से। दोनों की जातिगत पृष्ठभूमि भिन्न है। वे विचार-साम्य के कारण ही, परिवार की मर्जी न होते हुए भी विवाह करते हैं। रमा ने खुद तो अन्तर्जातीय विवाह किया लेकिन जब उनके बेटे ने एक ईसाई लड़की
को जीवनसाथी बनाया तो उन्होंने उसे अपनी बहू स्वीकार नहीं किया। क्या यह सवर्ण प्रगतिशीलता की सीमा है, जो वैयक्तिक स्वतन्त्रता को एक हद तक ही स्वीकार कर पाती है, या यह एक विभाजित व्यक्तित्व की समस्या है ?
जो हो, उपन्यास निष्कर्षात्मक स्वर में कुछ कहने के बजाय विभिन्न किरदारों के जरिये सामाजिक तथा वैयक्तिक, दोनों तरह के विरोधाभासों से गुजरते हुए एक दिलचस्प आख्यान रचता है। यथार्थ के प्रति काफी सचेत
ट्रीटमेंट और कथा-रस का सहमेल इस उपन्यास में देखते ही बनता है।
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Description
ANTIM ASHRAY (Novel) by Tripurari Sharan
About The Author
त्रिपुरारि शरण का जन्म सन् 1961 में हुआ। उन्होंने
दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से स्नातक तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर किया। छात्र-जीवन के दौरान ‘दिनमान’ के लिए फिल्म समीक्षाएँ लिखीं। कई पत्रिकाओं में कविताएँ प्रकाशित। लम्बे प्रशासनिक जीवन के दौरान राज्य व केन्द्र सरकार के कई महत्त्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर रहे। भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान, पुणे के निदेशक और दूरदर्शन के महानिदेशक रहे। पुणे के कार्यकाल के दौरान अपने छात्रों के साथ दो अलग-अलग फीचर फिल्मों का पटकथा लेखन और निर्माण किया। मुख्य सचिव, बिहार के पद से सेवानिवृत्त हुए।
सम्प्रति : राज्य मुख्य सूचना आयुक्त, बिहार।

Additional information
| Writer | Tripurari Sharan |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| Language | Hindi |
| ISBN | 978-93-6201-786-4 |
| Pages | 274 |
| Publication date | 10-01-2026 |
| Publisher | Setu Prakashan Samuh |





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