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Baaghi Ballia

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नई वाली हिंदी के उपन्यास आज युवाओं में बेहद लोकप्रिय हो रहे है। इसका मूल कारण पारम्परिक उपन्यासों की आदर्शवादी और पेचीदापूर्ण भाषा की जगह, नई वाली हिंदी के उपन्यास साधारण बोलचाल यानी रोजमर्रा के जीवन में प्रयोग होने वाली भाषा को मुख़ातिब करते है। ये सहसा ही लोकप्रिय नहीं हुई है इसके पीछे नजाने कितने ही लेखकों ने दिन-रात जीतोड़ मेहनत की है। जिसमें सत्य व्यास का नाम इन दिनों काफी लोकप्रिय और जाना-पहचाना हो गया है। इनके प्रथम उपन्यास “बनारस टॉकीज” ने पाठकों को इतना मंत्रमुग्ध कर दिया कि ये बागी बलिया उपन्यास इनका चौथा उपन्यास है।

बागी बलिया उपन्यास मुख्यतः उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की कहानी है जो छात्रसंघ चुनाव के इर्दगिर्द घूमती नजर आती है। जिसके अंतर्गत लेखक ने संजीदगी से युवा किरदार संजय और रफीक का चित्रण किया है। लेखक द्वारा मुख्य किरदारों का नाम रफीक और संजय चुनना लेखक के विशाल नजरिये को इंगित करता है। जहाँ इन दोनों किरदारों की घनिष्ट मित्रता कौमी एकता की मिसाल पेश करती है।

इस उपन्यास में लेखक ने छात्रसंघ चुनाव में होनी वाली धांधलियों को व्यंग्यात्मक नजरिये से प्रदर्शित किया है। चुनाव में होनी वाली छोटी-बड़ी झड़पों को भी लेखक ने एक विचित्र रूप देकर पाठकों के सामने इस प्रकार रखा है कि प्रत्येक पाठक इस पर सोचने को अनायास ही मजबूर हो उठता है।

उपन्यास के शुरुआती अध्यायों में लेखक ने व्यंग्यात्मक लेखन शैली का प्रयोग किया है तथा उसके बाद मध्यभाग में ज्योति के साथ हुई दुःखद घटना को इस प्रकार बया किया है कि प्रत्येक पाठक की आँखें आँसुओं से लबालब भर जाती है, जो लेखक के हर शैली में पारंगत होना दर्शाता है।

लेखक द्वारा उपन्यास में ज्योति के किरदार के जरिये ये दिखाया गया है कि किस प्रकार लड़कियों को आज भी समाज में एक संकोच और आबरू को ध्यान में रखते हुए जीना पड़ता है तथा लड़कियों के द्वारा उठाया गया कदम सामज किस प्रकार परिवार से जोड़ता है।

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Description

About the Author

सत्य व्यास उन लेखकों में से हैं जिनकी किताबों का इंतज़ार पाठकों सहित कहानी के एडॉप्टेशन करने वालों को भी रहता है। विभिन्न विषयों पर शोधपरक लिखने के कारण सत्य व्यास हर वर्ग के पाठकों में पसंद किए जाते हैं। सत्य व्यास ने हिंदी में एक नया पाठक वर्ग तैयार कर इस धारणा को ग़लत साबित किया है कि हिंदी में पाठकों की कमी है। सत्य व्यास की इससे पहले प्रकाशित तीनों किताबें ‘बनारस टॉकीज’, ‘दिल्ली दरबार’ और ‘चौरासी’ दैनिक जागरण-नीलसन बेस्टसेलर रही हैं। इन तीनों किताबों पर फ़िल्में तथा वेब सीरीज निर्माणाधीन हैं। यह सत्य व्यास का चौथा उपन्यास है।

Additional information

Author

Satya Vyas

Binding

Paperback

ISBN

978-9387464704

Language

Hindi

Pages

256

Publication date

14 October 2019

Publisher

‎ Hind Yugm

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