Description

गार्जियनता का गद्य स्मृति के इकहरे संचय से नहीं, जीवन की रगड़घस से संभव हुआ है। माँ-पिता, वृहत्तर परिवार और पड़ोस ही नहीं, स्थानीयता-जो विरल ढंग से सार्वदेशिकता भी संभव करती है-उसके संघर्ष और सौंदर्य की अद्भुत समाई है इस हँसमुख-गद्य में। यह अच्छा गद्य लिखने के संकल्प से भरा हुआ गद्य है। इसलिए इसे गद्य लिखने की एक मास्टरक्लास कहना अतिशयोक्ति नहीं।

– अनुराग वत्स

Additional information

Author

Vyomesh Sukla

Binding

Paperback

ISBN

978-81-952549-8-9

Language

Hindi

Pages

122

Publication date

01-04-2024

Publisher

Rukh publications

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