Description
कहानी से संवाद शास्त्रीय आलोचना नहीं है। जैसाकि नाम से ही ज़ाहिर है, यह कहानी के साथ चलते हुए, उससे बतियाने और उसे समझने की एक रचनात्मक प्रक्रिया है।
रश्मि रावत रचना को उसकी समग्रता में देखती हैं, अपने समय और समाज के आलोड़न से उपजी एक जैविक इकाई के रूप में; जो उन मूल्यों को भी वहन करती है, जिन्हें रचनाकार जान रहा होता है, और उन चीजों को भी जो उसके अदेखे स्वयमेव रचना में आ जाती हैं, और कई बार लेखक की सचेत अभिव्यक्तियों से ज्यादा कुछ बता जाती हैं—कहानी के ही बारे में नहीं, लेखक के बारे में भी, और उस सामाजिक-नैतिक पर्यावरण के बारे में भी जिसमें उस रचना ने आकार लिया। यह आलोचना की उस परिपाटी से आगे जाना है जो दी गई कसौटियों पर कहानी या किसी भी रचना को विश्लेषित करके अपने काम को पूरा मान लेती है। इस पुस्तक में शामिल कथा-समीक्षाएँ, हर कहानी को पढ़ते हुए अपनी कुछ कसौटियाँ बनाती हैं; जिनकी जड़ें केवल साहित्य-चिन्तन में नहीं होतीं, बल्कि समाज और उन मूल्यों से जुड़ी चिन्ताओं में होती हैं, जिनकी खोज वे कहानी के घोषित उद्देश्यों के अलावा पात्रों की गठन, लेखकीय भाषा की बुनावट और उसके शब्द-चयन तक में करती हैं।
यही वह विशेषता है जिसके चलते ये समीक्षाएँ सिर्फ सम्बद्ध कहानियों की समीक्षाएँ नहीं रह जातीं, बल्कि वृहत्तर पैमाने पर अपने समय, समाज और संस्कृति की समीक्षा हो जाती हैं।
रश्मि रावत
रश्मि रावत का जन्म देहरादून, उत्तराखंड में हुआ। उन्होंने हिन्दी, दर्शनशास्त्र, मानवाधिकार और पारिस्थितिकी/पर्यावरण विषयों में स्नातकोत्तर किया और पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। जेंडर अध्ययन में एडवांस सर्टिफिकेट कोर्स भी किया।
‘स्त्री-लेखन का समकाल’ (2023) और ‘हाशिये की आवाजें’ (2023) उनकी प्रकाशित पुस्तकें हैं। ‘आलोचना’, ‘हंस’, ‘कथादेश’, ‘प्रतिमान’, ‘इंडियन लिटरेचर’, ‘उद्भावना’, ‘नया पथ’, ‘समयान्तर’, ‘समकालीन जनमत’, ‘स्त्रीकाल’, ‘वागर्थ’, ‘परिंदे’, ‘जनसत्ता’, ‘दैनिक भास्कर’ आदि पत्र-पत्रिकाओं और कई पुस्तकों में उनके लेख एवं कविताएँ प्रकाशित हैं। भारतीय भाषा केन्द्र, कोलकाता द्वारा प्रकाशित ‘हिन्दी साहित्य कोश’ में प्रविष्टियाँ। ‘कथादेश’, ‘हंस’ पत्रिका में साहित्यिक और ‘सब लोग’ में समसामयिक मुद्दों पर नियमित स्तम्भ-लेखन।
सम्प्रति : दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स, दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्यापन।
ई-मेल : rashmi.rawat@dcac.du.ac.in






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