Description

KHATRE MEIN DHARMNIRPEKSHTA

by Ram Puniyani (Edited by Ravikant)


राम पुनियानी

जन बुद्धिजीवी, लोकप्रिय वक्ता, इतिहास और समकालीन राजनीति के अध्येता, धर्मनिरपेक्षता और समाज अध्ययन केन्द्र के अध्यक्ष, साम्प्रदायिक सद्भावना और राष्ट्रीय एकता के लिए निरन्तर लेखन एवं सक्रियता, अनेक किताबों के लेखक, जैसे- साम्प्रदायिक राजनीति (2002), गांधी की दूसरी बार हत्या (2003), जाति और साम्प्रदायिकता (2015), अंबेडकर और हिन्दुत्व की राजनीति (2016), हिंसा-साम्प्रदायिकता (2021), भारतीय राष्ट्रवाद बनाम हिन्दू राष्ट्रवाद (2021), अंबेडकर, दलित और स्त्री प्रश्न (2023), वैश्विक आतंकवाद और भारत की अस्मिता (2024), आरएसएस और हिन्दुत्व की राजनीति (2024), अल्पसंख्यक राजनीति और समाज (2025) Religious Nationalism, Social Perception and Violence (2021) 1 सम्मान : इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय एकता अवार्ड (2006), राष्ट्रीय एकता अवार्ड (2007)


रविकान्त

अंबेडकरवादी विचारक, राजनीतिक विश्लेषक, दलित मामलों के विशेष जानकार, साहित्य- समीक्षक, सामाजिक न्याय और साम्प्रदायिक सौहार्द के लिए निरन्तर लेखन एवं सक्रियता, कई किताबों के लेखक और सम्पादक, जैसे- आलोचना और समाज (2016), आज के आईने में राष्ट्रवाद (2018), आजादी और राष्ट्रवाद (2018), ‘आधा गाँव’ में मुस्लिम अस्मिता (2019), वैश्वीकरण, हिन्दी साहित्य और आलोचना (2020), इतिहास, धर्म और राजनीति (2020), अंबेडकर, दलित और स्त्री प्रश्न (2023), अद्यतन हिन्दी काव्य (2023), प्रतिनिधि कविताएँ ओमप्रकाश वाल्मीकि (2024), सम्पूर्ण कविताएँ : ओमप्रकाश वाल्मीकि (2024), वैश्विक आतंकवाद और भारत की अस्मिता (2024), आरएसएस और हिन्दुत्व की राजनीति (2024), अल्पसंख्यक राजनीति और समाज (2025)। पत्रिका सम्पादन : अदहन सम्प्रति : एसोसिएट प्रोफेसर, हिन्दी तथा आधुनिक भारतीय भाषा विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ।

Additional information

Author

Ram Puniyani

Ediitor

Ravikant

Binding

Paperback

Language

Hindi

ISBN

978-93-6201-779-6

Pages

360

Publication date

14-01-2025

Publisher

Setu Prakashan Samuh

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “KHATRE MEIN DHARMNIRPEKSHTA by Ram Puniyani”

Your email address will not be published. Required fields are marked *