Description
गीत चतुर्वेदी की कविताओं का असल पता युवा कण्ठ हैं। जैसे पाब्लो नेरूदा को उनके पहले कुछ कविता-संग्रहों ने स्पैनिश भाषा-भाषी दुनिया में प्रिय और अनिवार्य बना दिया था, गीत ने वही मुक़ाम हिन्दी में हासिल किया है।
27 नवम्बर, 1977 को मुम्बई में जन्मे गीत चतुर्वेदी को हिन्दी के सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले समकालीन लेखकों में से एक माना जाता है। ‘खुशियों के गुप्तचर’ उनका तीसरा कविता-संग्रह है। उनकी ग्यारह किताबें प्रकाशित हैं, जिनमें दो कहानी-संग्रह (‘सावंत आंटी की लड़कियाँ’ और ‘पिंक स्लिप डैडी’, दोनों 2010) तथा दो कविता-संग्रह (‘आलाप में गिरह’, 2010 व ‘न्यूनतम मैं’, 2017) शामिल हैं। ‘न्यूनतम मैं’ क़रीब दो साल तक हिन्दी की बेस्टसेलर सूची में शामिल रहा। साहित्य, सिनेमा व संगीत पर लिखे उनके निबन्धों का पहला संग्रह ‘टेबल लैम्प’ 2018 में और दूसरा संग्रह ‘अधूरी चीज़ों का देवता’ 2021 में आया।
In stock
गीत चतुर्वेदी की कविताओं का असल पता युवा कण्ठ हैं। जैसे पाब्लो नेरूदा को उनके पहले कुछ कविता-संग्रहों ने स्पैनिश भाषा-भाषी दुनिया में प्रिय और अनिवार्य बना दिया था, गीत ने वही मुक़ाम हिन्दी में हासिल किया है।
| Author | Geet Chaturvedi |
|---|---|
| ISBN | 978-81-943123-0-7 |
| Language | Hindi |
| Pages | 144 |
| Publication date | 01-12-2019 |
| Publisher | Rukh publications |
Reviews
There are no reviews yet.