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About the Author:
आज तक तीन उपन्यास और एक कहानी संग्रह प्रकाशित। कई कहानियों का हिन्दीतर भाषाओं में अनुवाद। यशपाल पुरस्कार, प्रेमचंद पुरस्कार और पेन ऑफ दि इयर से सम्मानित।
शीला रोहेकर के इस उपन्यास में कई तरह के दुखों का साक्षात्कार है-अकेले होने का, महानगर में अजनबी होने का, रिश्तों के टूटने और छूटने का, प्रेम-संबंधों में आकर्षक के बाद तनाव, कड़वाहट, ईर्ष्या, उकताहट और छले जाने का। यह उपन्यास जहाँ टूटते सम्बन्धों की कड़वाहटों को सोखते जीवन के बिखरते जाने की पीड़ा को अपने में समाहित किये हैं, वहीं राजनीतिक, सामाजिक परिदृश्य के दिनोदिन और भयावह होते जाने का सच भी बयान करता है।
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About the Author:
आज तक तीन उपन्यास और एक कहानी संग्रह प्रकाशित। कई कहानियों का हिन्दीतर भाषाओं में अनुवाद। यशपाल पुरस्कार, प्रेमचंद पुरस्कार और पेन ऑफ दि इयर से सम्मानित।
| Author | Sheela Rohekar |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| Language | Hindi |
| Pages | 448 |
| ISBN | 9.78939E+12 |
| Publisher | Setu Prakashan Samuh |











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