Prem Kabootar by Manav Kaul
₹199.00 Original price was: ₹199.00.₹149.00Current price is: ₹149.00.
मैं नास्तिक हूँ। कठिन वक़्त में यह मेरी कहानियाँ ही थी जिन्होंने मुझे सहारा दिया है। मैं बचा रह गया अपने लिखने के कारण। मैं हर बार तेज़ धूप में भागकर इस बरगद की छाँव में अपना आसरा पा लेता। इसे भगोड़ापन भी कह सकते हैं, पर यह एक अजीब दुनिया है जो मुझे बेहद आकर्षित करती रही है।
In stock
Description
मैं नास्तिक हूँ। कठिन वक़्त में यह मेरी कहानियाँ ही थी जिन्होंने मुझे सहारा दिया है। मैं बचा रह गया अपने लिखने के कारण। मैं हर बार तेज़ धूप में भागकर इस बरगद की छाँव में अपना आसरा पा लेता। इसे भगोड़ापन भी कह सकते हैं, पर यह एक अजीब दुनिया है जो मुझे बेहद आकर्षित करती रही है। इस दुनिया में मुझे अधिकतर हारे हुए पात्र बहुत आकर्षित करते रहे हैं। हारे हुए पात्रों के भीतर एक नाटकीय संसार छिपा हुआ होता जबकि जीत की कहानियाँ मुझे हमेशा बहुत उबा देने वाली लगती हैं। जब भी मैंने अपना कोई लिखा पूरा किया है उसकी मस्ती मेरी चाल में बहुत समय तक बनी रही है।
अगर हम प्रेम पर बात करें तो मैंने उसे पाया अपने जीवन में है पर उसे समझा अपने लिखे में है।
-मानव कौल
About the Author
Additional information
| Dimensions | 25 × 20 × 4 cm |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | 978-9392820458 |
| Language | Hindi |
| Pages | 162 |
| Publication date | 10 May 2022 |
| Publisher | Hind Yugm |
| Writer | Manav Kaul |
Related products
-
-
HereThere and Everywhere by Sudha Murty
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹175.00Current price is: ₹175.00. -
-
TAMIL: THE BEST STORIES OF OUR TIMES
₹399.00Original price was: ₹399.00.₹279.00Current price is: ₹279.00.


Reviews
There are no reviews yet.