Description

जन्म : 31 दिसम्बर, 1925 को लखनऊ जनपद (उ.प्र.) के अतरौली गाँव में। शिक्षा : इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक। कृतियाँ : उपन्यास : सूनी घाटी का सूरज, अज्ञातवास, राग दरबारी, आदमी का जहर, सीमाएँ टूटती हैं, मकान, पहला पड़ाव, बिस्रामपुर का सन्त। कहानी-संग्रह : यह घर मेरा नहीं, सुरक्षा तथा अन्य कहानियाँ, इस उम्र में। व्यंग्य-संग्रह : अंगद का पाँव, यहाँ से वहाँ, मेरी श्रेष्ठ व्यंग्य रचनाएँ, उमरावनगर में कुछ दिन, कुछ जमीन पर कुछ हवा में, आओ बैठ लें कुछ देर, अगली शताब्दी का शहर, जहालत के पचास साल। आलोचना : अज्ञेय : कुछ राग और कुछ रंग। विनिबन्ध : भगवतीचरण वर्मा, अमृतलाल नागर। बाल-साहित्य : बब्बर सिंह और उसके साथी। अनुवाद : ‘पहला पड़ाव’ अंग्रेजी में अनूदित और ‘मकान’ बांग्ला में। ‘राग दरबारी’ सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं सहित अंग्रेजी में। प्रमुख सम्मान : ज्ञानपीठ सम्मान, पद्मभूषण सम्मान, साहित्य अकादेमी पुरस्कार, साहित्य भूषण सम्मान, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का गोयल साहित्य पुरस्कार, लोहिया अतिविशिष्ट सम्मान, म.प्र. शासन का शरद जोशी सम्मान, मैथिलीशरण गुप्त सम्मान, व्यास सम्मान। निधन : 28 अक्टूबर, 2011

Additional information

Author

Sri Lal Sukla

Binding

Paperback

Language

Hindi

Pages

334

Publication date

1 January 2016

Publisher

Raajkamal Prakashan

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Raag Darwari”

Your email address will not be published. Required fields are marked *