Description
वैश्रवणी रावण की बहन एवं विद्युतजिह्वा की धर्मपत्नी थी। शादी के कुछ ही दिन बाद यह विधवा हो गई थी। यह राम से पुनर्विवाह करना चाहती थी, लेकिन राम और लक्ष्मण दोनों ने ही इससे विवाह करने से इनकार कर दिया। वैश्रवणी ने सोचा कि यह सब सीता के कारण हुआ तो, जब इन्होंने सीता पर हमला किया तो लक्ष्मण ने इनके नाक-कान काटकर इन्हें कुरूप बना दिया।
About the Author
डॉ. ममतामयी चौधरी उड़िया की चर्चित लेखिका हैं। आपने कई उपन्यास एवं दर्जनों कहानियाँ लिखी हैं। उत्कृष्ट लेखन के लिए आपको साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिल चुका है। आप समाज सेवा में भी अग्रणी हैं।







Reviews
There are no reviews yet.