Description

About the Author:

सुबोध सरकार 28 अक्टूबर 1958 को कृष्ण नगर (कोलकाता) में जन्मे सुबोध सरकार के अब तक लगभग 35 संकलन प्रकाशित हो चुके हैं। 2000 में बांग्ला अकादमी पुरस्कार एवं 2013 में द्वैपायन हृदेर धारे के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार प्राप्त किया। उनकी मुख्य किताबें हैं: एका नरकगामी, आड़ाई हा मानुष, छि:, भालो जायगाटा कोथाय, मणिपूरेर माँ, जा उपनिषद, ताई कोरान, द्वैपायन हृदेर धारे, फिरिए दिन आमार, छेलेके, अग्रन्थित, कविता समग्र इत्यादि इसके अलावा अमेरिका पर एक यात्रा वृत्तान्त तथा दो अनूदित किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी कुछ चर्चित कविताएँ कई विदेशी भाषाओं में अनूदित हैं। भाषाओं की कविता की पत्रिका भाषा नगर के सम्पादक हैं। कुछ समय साहित्य अकादेमी की अंग्रेज़ी पत्रिका इण्डियन लिटरेचर का भी सम्पादन किया। कविता पाठ के लिए अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, ग्रीस, जर्मनी, रूस, ताइवान, इस्तान्बुल में आमन्त्रित हुए हैं। 2016-17 में यूनिवर्सिटी ऑफ़ लोवा, यूएस, में एशियन अमेरिकन पोएटिक्स विषय पर फुलब्राइट स्कॉलर रहे तथा पोस्ट कोलोनिअल लिटरेचर, में अध्यापन भी किया। सम्प्रति कविता लेखन में व्यस्त रहते हैं।

Additional information

ISBN

9.7894E+12

Author

Subodh Sarkar Trans. By Jaishree Purvar

Binding

Paperback

Pages

128

Publication date

25-02-2023

Imprint

Setu Prakashan

Language

Hindi

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