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Bharatpur Lut Gayo By Vibha Rani (Kahani-Sangrah)
भरतपुर लुट गयो नया कहानी संग्रह है प्रख्यात कथाकार विभा रानी का। उनकी कथा सामर्थ्य का एक और साक्ष्य। इस पुस्तक में संकलित कहानियों को किसी एक सूत्र में नहीं बाँधा जा सकता, पर यही इस संग्रह की खूबी और ताकत भी है। इन कहानियों में किसी किस्म का कोई दोहराव नहीं है, न अन्तर्वस्तु का और न ही भाषा व शैली का। हर कहानी का कथ्य और परिवेश अन्य सब कहानियों से अलग है। शिल्प की विविधता भी भरपूर है, जिसमें वर्णन और आख्यान से लेकर इकबालिया बयान तक, अनेक रंग-ढंग शामिल हैं। पात्रों और परिवेश के मुताबिक भाषा और शैली बदल जाती है। कहानी की आवश्यकता के अनुसार लेखिका मैथिली और भोजपुरी मिश्रित देशज गवई हिन्दी से लेकर मुम्बई की मराठी मिश्रित और अँग्रेजीदाँ वर्ग की अँग्रेजी मिश्रित, कई तरह की हिन्दी लिखती हैं, मानो पात्रों के भीतर यह कथाकार का परकाया प्रवेश हो। इसी तरह गाँव से लेकर मुम्बई के सिने जगत तक, विभा रानी जो भी कथाभूमि चुनती हैं, उसके परिवेश को जीवन्त कर देती हैं, जैसे एक कहानीकार के भीतर कई कहानीकार हों। कहना न होगा कि ऐसी कथा-सामर्थ्य दुर्लभ है। विभा रानी यह सामर्थ्य अर्जित कर सकी हैं तो इसमें हैरत की बात नहीं, क्योंकि उनके अनुभव और पर्यवेक्षण का दायरा काफी विस्तृत है। यही नहीं, साहित्य के अलावा नाटक और फिल्म जैसे अन्य माध्यमों को भी उन्होंने साधा है। उनकी कहानियाँ पाठकों को बरबस बाँधे रखती हैं और पठनीयता का यह गुण इस संग्रह में और भी निखार पर है।
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Bharatpur Lut Gayo By Vibha Rani (Kahani-Sangrah)
| Author | Vibha Rani |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| Language | Hindi |
| ISBN | 9.78812E+12 |
| Pages | 152 |
| Publisher | Setu Prakashan Samuh |
| Publication date | 10-02-2024 |











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