सृष्टि के कुछ मूलभूत नियम हैं| अस्तित्व की सम्पूर्ण व्यवस्था तथा उसके एक भाग के रूप में हमारा जीवन भी इन्ही नियमों से संचालित होता है तथा सृष्टि के ये नियम हम सब पर समान रूप से लागू होते हैं| सृष्टि उसमें कोई भेद नहीं करती है| हमें ज्ञात हो या ना हो, ये नियम हम पर सदा लागू होते हैं| नियमों को समझे बिना यदि हम जीवन जीते हैं तो हम भ्रम में रहते हैं, और भ्रमित मानव अनुमान लगाकर या लोगों को देखकर जीते हैं| वे अपने जीवन की छोटी-छोटी चीज़ों के लिए भी बाहरी परिस्तिथियों, भाग्य, दूसरों के आशीर्वाद एवं चमत्कारों पर निर्भर रहते हैं, और इस कारण वे अस्थिर, अनिश्चित एवं दूसरों द्वारा नियंत्रित होते हैं| ऐसे लोग अनजाने में या संयोग से नियमों का पालन होने पर सुखी होते हैं अन्यथा दुःखी ही रहते हैं| इसलिए निरंतर सुखी रहने के लिए अपना जीवन स्वयत्ततापूर्ण जीते हुए सृष्टि के इन नियमों को जानना और उसके अनुसार जीवन जीना आवश्यक है|
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| Dimensions | 20 × 14 × 4 cm |
|---|---|
| Binding | Paperback |
| ISBN | 978-8183226479 |
| Language | Hindi |
| Pages | 192 |
| Publication date | 15 December 2017 |
| Publisher | Manjul Publishing House |
| Writer | Praveen Kumar Gangrade |
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