Panchbhoot : Ek Sanskritik-shaikshanik Vimarsh – Devnath Pathak
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हिन्दू हो या मुसलमान या सिख या ईसाई या अनेक वो धार्मिकताएँ जिनको हम साधारणतः विश्व-धर्मों से जोड़कर ही देखते-समझते हैं लेकिन उनकी अपनी विशिष्टता होती है। सबमें देह को लेकर विमर्श पाया जा सकता है। यह किताब देह को मेटाफिजिक्स और माइथोलॉजी वाले पंचभूत से अलग करती है। और आग्रह करती है कि हमारे समाज संस्कृति-शिक्षा के सन्दर्भमें हमारी देह के भिन्न-भिन्न पंचतत्त्व ढूँढ़े जाएँ। इस किताब के पाँच लेख उपमा के तौर पर सुझाये गये पाँच तत्त्व प्रस्तुत करते हैं। उन पाँचों तत्त्वों का देह से उतना ही सम्बन्ध है जितना समाज-संस्कृति और शिक्षा से। आख़िर हमारी देह कब अलग होती है इन सब निर्धारक शक्तियों से? तो क्यों ना हम अपनी देह के पंचतत्त्वों को उन्हीं संस्थानों-इकाइयों-निर्धारकों में ढूँढ़ें। वहीं पर तय हो सकता है कि हमारी देह क्यों और कैसे महामारी जैसे मुश्किल समय में भी विशेष व्यवहार करती है।
मुश्किल समय की अपनी रंग-बिरंगी
विशेषताएँ हैं। यह पुस्तक ऐसे ही समय से रूबरू होते हुए पाँच मुख्य लेखों के ज़रिये हमारे मूलभूत सांस्कृतिक और शैक्षणिक चाल-चलन पर बहस करती है। इनमें लेखक का अपना अस्तित्व और सामाजिक-सांस्कृतिक-शैक्षणिक व्यवहार अनेक स्वरूपों में सामने आते हैं: कभी संघर्ष में, कभी साहचर्य और कभी तो पारस्परिक अनबन की पराकाष्ठा में। कोरोना-काल में मूलभूत तत्त्वों की तरफ़ लौटने की आवश्यकता को आधार बनाकर यह पुस्तक बुद्धिजीवियों को कठघरे में भी खड़ा करती है। सवाल-जवाब और व्यंग्य-परिहास करते हुए ये लेख याद दिलाते हैं कि पैण्डेमिक या सर्वव्यापी महामारी के आने से पहले ही हमारी संस्कृति और शिक्षा अनेक महामारियों से ग्रस्त हो चुकी थी। पंचभूत से बने संस्कृति और शिक्षा के शरीर की तरफ लौटना उतना ही ज़रूरी है जितना महामारी से बचने के लिए टीकाकरण।
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Punchbhoot : Ek Sanskritik-shaikshanik Vimarsh – Devnath Pathak
About the Author:
देवनाथ पाठक साउथ एशियन यूनिवर्सिटी में प्राध्यापक हैं और दक्षिण एशिया के सामाजिक व सांस्कृतिक पहलुओं पर शोध एवं लेखन करते हैं। उनकी अनेक प्रकाशित पुस्तकों में कुछ महत्वपूर्ण शीर्षक हैं, इन डिफेंस ऑफ़ दि ऑर्डिनरी : एवरीडे अवेकेनिंग्स, लिविंग एण्ड डाइंग : मीनिंग्स इन मैथिली फ़ोकलोर आदि। इन्होंने अनेक पुस्तकों का सम्पादन भी किया है, यथा : अनदर साउथ एशिया, कल्चर एण्ड 4 पॉलिटिक्स इन साउथ एशिया : परफ़ॉर्मेटिव कम्युनिकेशन आदि। ये दो अकादमिक जर्नलों का सम्पादन भी करते हैं और यूट्यूब पर प्रचलित अकादमिक और सांस्कृतिक समूह, गल्प लोक के वरिष्ठ समायोजक भी हैं।
Additional information
| ISBN | 9.7882E+12 |
|---|---|
| Author | Devnath Pathak |
| Binding | Paperback |
| Publication date | 25-02-2023 |
| Imprint | Setu Prakashan |
| Language | Hindi |
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