Description

थोड़ी देर में आएगा अमोल पालेकर हाथ में रजनीगंधा के फूल लिए या दिनेश ठाकुर भी आ सकता है या मैं भी आ सकता हूँ कोई न कोई आएगा

उसके दरवाजा खटखटाते ही फ़िल्म शुरू होती है साठ के अन्त की फ़िल्म सत्तर की शुरुआत की फ़िल्म शहर आने की फ़िल्म जेल जाने की फ़िल्म बहुत ज्यादा लोगों से कम लोगों की फ़िल्म पब्लिक ट्रांसपोर्ट की फ़िल्म या पब्लिक सेक्टर की फ़िल्म शुरू होती है एक फ़्लैट का दरवाज़ा खटखटाने से

लेकिन मेरे और तुम्हारे बीच सिर्फ़ दरवाजे भर की दूरी नहीं है बहुत से ज़माने हैं बहुत से लोग

Additional information

Author

Vyomesh Shukla

Binding

Paperback

ISBN

978-81-952549-4-1

Language

Hindi

Pages

200

Publication date

01-03-2023

Publisher

Rukh publications

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