Description
About the Author:
कथाकार रवीन्द्र वर्मा अपने कहानी संग्रहों और उपन्यासों के अतिरिक्त अपने कविता संग्रहों के साथ महत्त्वपूर्ण साहित्यिक दखल रखते हैं। उनकी रचनाशीलता ने समकालीन कविता के लिए बेहद उर्वर जमीन तैयार की है।
Dooriyon Ke Ghere by Ravindra Verma
दूरियों के घेरे रवीन्द्र वर्मा का दूसरा कविता संग्रह है। प्रायः छोटे-छोटे प्रसंगों में विन्यस्त इन कविताओं में कहीं भी कोई अबूझपन नहीं है, बल्कि सादगी का सौन्दर्य और संप्रेषणीयता का बल है। कवि की रचनाशीलता में आत्मनिरीक्षण का स्वभाव और आत्मान्वेषण की आकुलता है, वहीं उसके माथे पर संसार और समाज की दशा-दिशा को लेकर चिंता की लकीरें भी।
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कथाकार रवीन्द्र वर्मा अपने कहानी संग्रहों और उपन्यासों के अतिरिक्त अपने कविता संग्रहों के साथ महत्त्वपूर्ण साहित्यिक दखल रखते हैं। उनकी रचनाशीलता ने समकालीन कविता के लिए बेहद उर्वर जमीन तैयार की है।
| ISBN | 9.78939E+12 |
|---|---|
| Author | Naval Shukla |
| Binding | Paperback |
| Pages | 180 |
| Publication date | 01-06-2022 |
| Publisher | Setu Prakashan Samuh |
| Imprint | Setu Prakashan |
| Language | Hindi |











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